Indian Railways News => Topic started by railgenie on Oct 04, 2012 - 00:00:36 AM


Title - डा. सीपी जोशी कल श्रीनगर-लेह खंड पर सभी मौसमों में काम करने वाली सुरंग की आधारशिला रखेंगे
Posted by : railgenie on Oct 04, 2012 - 00:00:36 AM

जम्मू-कश्मीर राज्य में बुनियादी ढांचे में सुधार और श्रीनगर तथा लेह के बीच सभी मौसमों में सड़क संपर्क की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-1 (एनएच-1) के श्रीनगर-लेह खंड पर जेड-मोड़ नामक एक सुरंग का निर्माण किया जाएगा। यह जेड-मोड़ सुरंग दो लेन वाली साढ़े छह किलोमीटर लंबी होगी और गगनगीर तथा सोनमर्ग के बीच नए संपर्क के लिए समानांतर साढ़े छह किलोमीटर लंबी वैकल्पिक सुरंग भी बनाई जाएगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री डा. सीपी जोशी परियोजना स्थल पर इस महत्वपूर्ण सुरंग की कल, 4 अक्टूबर, 2012 को आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित होंगे।

भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस परियोजना के निर्माण का कार्य सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपा है। यह परियोजना ‘बनाओ और हस्तांतरित करो (बीओटी)’ आधार पर स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाई जाएगी और इस पर लगभग 2680 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

उल्लेखनीय है कि लेह बरास्ता जम्मू-श्रीनगर-जोजिला-करगिल-लेह और मनाली-सरचू-लेह मार्ग से शेष देश से जुड़ा हुआ है। लद्दाख के लोगों और उनके सामाजिक आर्थिक विकास के लिए मात्र ये ही जीवन रेखाएं हैं। ये दोनों मार्ग शीतकाल (नवम्बर से मई तक) के दौरान भारी बर्फबारी और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों के कारण छह से सात महीने तक पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाते हैं। जेड-मोड़ सुरंग के बन जाने से श्रीनगर और लेह के बीच सभी मौसमों में सड़क संपर्क बना रहेगा और इस प्रकार लद्दाख के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

श्रीनगर-लेह के बीच का यह संपर्क लद्दाख के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। यह सुरंग सोनमर्ग और निकटवर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा।

इस सुरंग के निर्माण से सड़क मार्ग का प्रयोग करने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के अलावा स्थानीय मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही, सभी मौसमों में सड़क संपर्क बने रहने से परियोजना राजमार्ग के आसपास के गांवों, कस्बों, शहरी तथा अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।