Indian Railways News => Topic started by railgenie on Sep 09, 2012 - 15:00:51 PM


Title - टीसी ने दबंगई कर यात्री से छीने 16 सौ रुपये
Posted by : railgenie on Sep 09, 2012 - 15:00:51 PM

लखनऊ। रेलवे के टिकट कलेक्टरों (टीसी) की दबंगई चरम पर है। लखनऊ जंक्शन के बाहर शुक्रवार को एक टीसी ने टिकट व परिचय में उम्र का अंतर बताकर यात्री से 16 सौ रुपये छीन लिए। घटना की खबर पर पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम राधेश्याम भौचक्के रह गए। उन्होंने शनिवार की सुबह 10.30 बजे टीसी की पहचान के लिए पीड़ित को बुलाया है। हालांकि पीड़ित को आरोपी टीसी के पकड़े जाने पर संदेह है। उसने कहा कि सुबह पहचान के दौरान आरोपी न पहुंचे तो अफसर क्या करेंगे? पैसे के लिए रेलवे की छवि धूमिल करने वाले टिकट कलेक्टर (टीसी) बाज नहीं आ रहे हैं। कभी ट्रेन के भीतर यात्रियाें के पास टिकट न होने पर वसूली करते हैं तो कभी स्लीपर श्रेणी में जनरल टिकट वाले यात्रियों की ईएफटी (एक्स्ट्रा फेयर टिकट) बनाकर रुपये की मांग करते हैं। पीड़ित यात्री हर्ष बहादुर (26) के मुताबिक वह 6 सितंबर को अवध एक्सप्रेस (19037) में सूरत से लखनऊ के लिए सवार हुआ। हर्ष का टिकट ट्रेन के सेकेंड एसी (पीएनआर-870-5656411) में था। लखनऊ में ट्रेन से उतरने के बाद वह स्टेशन के बाहर पहुंचा तभी पांच लोगों ने उसे रोक लिया और टिकट दिखाने को कहा। इनमें चार टीसी व सादे कपड़े में एक युवक था। हर्ष ने टिकट दिखाया तो बिना नेम प्लेट वाले एक टीसी ने परिचय पत्र व टिकट का मिलान करते हुए उम्र में अंतर होने की बात कही। इस पर हर्ष ने कहा कि यह गलती यात्री काउंटर पर बैठे बाबू से हुई थी। लेकिन टीसी यह कहकर धमकाते लगे कि पैसे नहीं दिए तो जेल जाना पड़ेगा। उनमें आपस में बात हो रही थी कि एक टीसी ने जबरन जेब में हाथ डालकर साढ़े सोलह सौ रुपये निकाल लिया। जब हर्ष ने इसकी रसीद मांगी तो टीसी ने उसे भगा दिया। इसके बाद पीड़ित रेलवे अफसरों के पास पहुंचा और उनसे शिकायत की।