| गेटमैन को मिलेगा पुरस्कार : डीआरएम by railenquiry on 21 January, 2013 - 06:01 PM | ||
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railenquiry | गेटमैन को मिलेगा पुरस्कार : डीआरएम on 21 January, 2013 - 06:01 PM | |
पटरियों पर तेज गति से दौड़ती रेलगाड़ी में कब और कहां कोई तकनीकी गड़बड़ी आ जाये कहां नहीं जा सकता। ऐसे में यात्रियों की सूझबूझ एवं रेल कर्मियों की तत्परता महत्वपूर्ण है। शनिवार की अहले सुबह पूर्व मध्य रेल के सोनपुर-छपरा रेल सेक्शन पर 15610 डाउन अवध असम एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचाने में ऐसी ही तत्परता दिखाई है नयागांव स्टेशन से पहले स्थित गेट पर तैनात गेट मैन ने। उस गेट मैन को रेल प्रशासन ने पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है।रविवार को हुई एक विशेष बातचीत के दौरान ये जानकारी सोनपुर डिविजन के डीआरएम रमण लाल गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि उक्त ट्रेन में अचानक आयी तकनीकी गड़बड़ी को अंधेरे और सुनसान में अपनी ड्यूटी पर तैनात गेट मैन ने सबसे पहले उसे देखा। उसने तत्क्षण यह सूचना यहां दी। जब तक उक्त बोगी के यात्रियों ने धैर्य व विवेक का परिचय देते हुए जंजीर खींच कर गाड़ी खड़ी कर दी। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस बीच आनन-फानन में रेल अधिकारी एवं स्टाफ के लोग वहां पहुंच गये। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर उक्त बोगी को काट कर नयागांव में ही ट्रेन से अलग गाड़ी में किसी आपात स्थिति कि अविलंब सूचना रेल प्रशासन तक पहुंचाये जाने के लिये बोगी में कोई हेल्प लाइन नम्बर अंकित होना चाहिए। इस पर मंडल रेल प्रबंधक श्री गुप्ता का कहना था कि तेज गति से चल रही ट्रेन में ऐसे नम्बरों का क्या औचित्य वहां तो यात्रियों की सुरक्षा के उद्देश्य से अलार्म चेन लगा ही हुआ है। लालगढ़ से गुवाहाटी जा रही अवध असम एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने में भी यात्रियों के लिये यही जंजीर वरदान साबित हुई। ड्राइवर, टीटीई कंडक्टर आदि के अलावा भी रेल स्टाफ चलते हैं। किसी भी यात्री की कोई शिकायत या सूचना पर इनके द्वारा तत्क्षण एक्शन होता है। | ||