Indian Railways News => Topic started by greatindian on Dec 24, 2012 - 15:00:40 PM


Title - एकता एक्सप्रेस में 7 हजार यात्रियों के लिए मात्र 360 सीटें
Posted by : greatindian on Dec 24, 2012 - 15:00:40 PM

रोहतक.  सीएम सिटी से प्रदेश की राजधानी को जोडऩे वाली एक मात्र ट्रेन एकता एक्सप्रेस के करीब सात हजार यात्री रेलवे की अनदेखी को झेल रहे हैं। 28 साल के दौरान इस ट्रेन के यात्रियों की संख्या में दस गुणा से भी ज्यादा वृद्धि हुई है, लेकिन सीटों की संख्या 360 से  नहीं बढ़ी है।

एकता एक्सप्रेस भिवानी से चलकर कलानौर, रोहतक व गोहाना के रास्ते पानीपत स्टेशन पर पहुंचती है। पानीपत से इस गाड़ी को चंडीगढ़ के रास्ते कालका तक जाने वाली हिमालय क्वीन से जोड़ दिया जाता है। इन चार रेलवे स्टेशनों से इस गाड़ी में सात हजार लोग यात्रा करते हैं।

चंडीगढ़ आने व जाने का समय उपयुक्त होने के कारण लोग परेशानी उठाकर भी इस गाड़ी में ही सफर करने को मजबूर हैं। पानीपत की ओर जाने वाली गाड़ी नंबर-14795 पानीपत स्टेशन पर सुबह पौने सात बजे पहुंचती है। इसके बाद यह गाड़ी करीब एक घंटे तक हिमालय क्वीन एक्सप्रेस का इंतजार करती है।



वापसी में 14796 का इंजन जोडऩे व हिमालय क्वीन से अलग करने में करीब पौना घंटा यात्रियों को पानीपत स्टेशन पर गुजारना पड़ता है। एकता एक्सप्रेस का परिचालन 20 अप्रैल 1984 से शुरू हुआ। शुरुआती दौर में भिवानी और कलानौर से करीब 400 यात्री आते। रोहतक से भी करीब 300 यात्री इस गाड़ी में चढ़ते। वर्तमान में यात्रियों की संख्या दस गुणा तक बढ़ गई है, लेकिन सीटों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है।

रोहतक से ढाई हजार टिकट

रोहतक रेलवे स्टेशन के अधीक्षक बीएस मीणा के अनुसार प्रतिदिन इस गाड़ी के समय करीब ढाई हजार टिकटों की बिक्री होती है। इसके अलावा सैकड़ों लोग रेलवे पास से भी यात्रा करते हैं। यात्रियों की मानें तो गाड़ी में भिवानी से आने वाले यात्रियों को ही सीट नहीं मिलती। इसके बाद सैकड़ों यात्री कलानौर से भी गाड़ी में चढ़ते हैं। रोहतक स्टेशन से चलते वक्त गाड़ी में तिल डालने को भी जगह नहीं होती, लेकिन गोहाना से भी करीब एक हजार यात्री इस गाड़ी में चढ़ जाते हैं। इससे पानीपत तक करीब डेढ़ घंटे का सफर बहुत ही विकट हालात में तय करना पड़ता है।

एकता बचाती है डेढ़ घंटा

एकता एक्सप्रेस से पहले अल सुबह 4:05 बजे यात्री गाड़ी पानीपत के लिए रवाना होती है। यह गाड़ी छह बजे के बाद ही पानीपत पहुंच पाती है। इसके विपरीत एकता एक्सप्रेस रोहतक से सुबह साढ़े पांच बजे चलती है और सात बजे से पहले पानीपत पहुंच जाती है। इससे यात्री सुबह चार बजे गाड़ी पकडऩे की बजाए एकता से ही सफर करना पसंद करते हैं।

बस से आधा सस्ता सफर

एकता एक्सप्रेस से पानीपत तक का सफर बस से आधे किराए में तय होता है। ट्रेन से पानीपत का किराया 28 रुपए लगता है, जबकि बस में 65 रुपए किराया बनता है। वहीं, बस पानीपत तक दो घंटे में पहुंचाती है, जबकि ट्रेन महज डेढ़ घंटे में पहुंचा देती है।

नहीं कोई विकल्प

रोहतक पानीपत रूट पर एकता एक्सप्रेस के अलावा चंडीगढ़-अजमेर गरीब रथ गाड़ी सप्ताह में तीन दिन चलती है। इस गाड़ी में करीब 150 यात्री रोहतक से सफर करते हैं, लेकिन यह गाड़ी प्रतिदिन नहीं होने व रात करीब ढाई बजे होने के कारण यात्रियों का खास रुझान इस ओर नहीं है।

बोर्ड को भेजी गई है मांग

स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा के अनुसार कुछ समय पहले गाड़ी में कोचों की संख्या बढ़ाने या अलग रैक चलाने की मांग यात्रियों द्वारा उठाई गई। इसको रेलवे बोर्ड के पास भेजा गया है। यह मामला बोर्ड के पास विचाराधीन है।