Indian Railways News => Topic started by Mafia on Oct 01, 2013 - 19:58:57 PM


Title - उत्तर बंग एक्सप्रेस की आरक्षित बोगी के बाथरूम में मिली बच्ची
Posted by : Mafia on Oct 01, 2013 - 19:58:57 PM

छह माह की बच्ची को रेल पुलिस ने एमजेएन अस्पताल में भर्ती कराया
देखभाल की जिम्मेदारी कूचबिहार चाइल्ड लाइन ने ली
बच्ची के तन पर गंजी व कमर में लाल रंग की लंगोटी
अस्पताल में बच्ची का नामकरण अनामिका
कूचबिहार, जागरण प्रतिनिधि : अप उत्तर बंग एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर क्लास की बोगी के बाथरूम से सोमवार को छह माह की कन्या शिशु पड़ी मिली। ट्रेन में सवार यात्रियों ने इसकी सूचना रेल पुलिस को दी। रेल पुलिस ने गंभीर रूप से घायल बच्ची को स्थानीय एमजेएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी देखभाल की जिम्मेदारी कूचबिहार चाइल्ड लाइन ने ली है। न्यू-कूचबिहार में जीआरपी के ओसी महेन्द्र राय ने बताया कि आमबाड़ी -फालाकाटा स्टेशन के पास आरक्षित बोगी के बाथरूम में पड़ी मिली। इस संबंध में न्यू-जलपाईगुड़ी स्टेशन को भी अवगत कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का अनुमान है कि पालन पोषण करने में असमर्थ माता-पिता ही बच्ची को बाथरूम में छोड़कर गायब हो गए। आरक्षित बोगी से ही जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी काजी रहूल आमीन भी लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय एबीएन शील कॉलेज की एक अध्यापिका ने इस बच्ची को कमरे के बाथरूम में पड़ा पाया। बच्ची के तन पर गंजी व लाल रंग की लंगोटी थी। बाथरूम में देर से पड़े होने से वह पूरी तरह से भीग चुकी थी। यात्रियों ने ही बच्ची के कपड़े बदलकर दूसरे कपड़े पहनाए। न्यू-कूचबिहार में स्टेशन पर उतरते ही बच्ची को जीआरपी को सौंप दिया गया। चाइल्ड लाइन के कर्मी चंद्र दास घोष, संजय मल्लिक प्रमुख ने बताया कि बच्ची के मिलने की खबर मिलने पर वे न्यू-कूचबिहार स्टेशन पर पहुंचे। जहां से बच्ची को एमजेएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वस्थ होने पर उसे जिला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से पानी में भीगने से बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसलिए उसे आक्सीजन देना पड़ रहा है। बच्ची के सिर पर चोट के निशान थे। इसी वजह से सिर का सिटी स्कैन किया गया है। अस्पताल में बच्ची का नामकरण अनामिका के नाम से किया गया है।नागरकाटा सूत्र के अनुसार एनएफ रेलवे के अलीपुरद्वार डिवीजन के डीआरएम वीरेंदर कुमार ने छह माह की बच्ची को ट्रेन में परित्यक्त अवस्था में छोड़े जाने की घटना को निंदनीय कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरत और दुख हुआ है कि आज भी समाज में ऐसे लोग हैं जो बेटियों से इस तरह का क्रूर व्यवहार करते हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची के मिलते ही रेलवे के चिकित्सक ने उसकी स्वास्थ्य जांच की और उसे दूध पिलाया गया। फिलहाल उसे चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी को सौंप दिया गया है।