Indian Railways News => Topic started by TrustMe on Dec 15, 2012 - 00:00:03 AM


Title - अब डालिए गंदी ट्रेनों में चलने की आदत!
Posted by : TrustMe on Dec 15, 2012 - 00:00:03 AM

अब डालिए गंदी ट्रेनों में चलने की आदत!
हमारे संवाददाता, भागलपुर : अब ट्रेनों में गंदगी के बीच सफर करने की आदत डाल लीजिए! शहर से देश के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों के लिए खुलने वाली ट्रेनों में सफाई करने वाली कंपनियों के ठेकों की अवधि बुधवार को खत्म हो गई। नए ठेके तो हुए नहीं। पुराने ठेकेदारों को भी विस्तार नहीं मिला। लिहाजा, गुरुवार से ट्रेनें कितनी साफ रहेंगी, इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं। सेवा विस्तार नहीं होने से कड़ाके की ठंड में भी यार्ड कर्मचारियों को पसीना आ रहा है।

मालदा रेल मंडल ने ट्रेनों की सफाई (यार्ड में) का काम यंग बंगाल एवं ट्रेनों के अंदर सफाई (सफर के दौरान) का ठेका ए-टू-जेड कंपनी को तीन वर्षो के लिए दिया था। इन कंपनियों के जिम्मे भागलपुर-आनंद विहार विक्रमशिला एक्सप्रेस, भागलपुर-नई दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस, भागलपुर-अजमेर शरीफ एक्सप्रेस, भागलपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस, भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस व मालदा से चलने वाली एक ट्रेन की सफाई व्यवस्था थी।

जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर को ठेके की अवधि समाप्त होती देख मंडल कार्यालय ने नवंबर माह में ही टेंडर निकाला था। मगर, एक ही कंपनी ने टेंडर डाला। सही प्रक्रिया के तहत टेंडर नहीं डालने के कारण उस कंपनी का टेंडर रद हो गया। इसके बाद टेंडर दोबारा नहीं निकाला गया। मौजूदा कंपनियों को ही छह माह का सेवा विस्तार दिलाने के लिए फाइल सरकाई गई। फाइल अभी तक एकाउंट विभाग में ही अटकी पड़ी है। ठेका छह करोड़ से अधिक का था।

ठेके की अवधि समाप्त होते ही यार्ड के कर्मचारियों व अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। कर्मचारियों की कमी झेल रहा विभाग कैसे सफाई कराएगा यह सोचकर उसके हाथ-पांव फूल रहे हैं।