Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Nov 10, 2012 - 21:00:06 PM


Title - Brokers three times charges for train ticket, jam in delhi
Posted by : eabhi200k on Nov 10, 2012 - 21:00:06 PM

दीवाली पर घर जाने वाले मुसाफिरों का दिवाला निकल रहा है और दलालों की चांदी कट रही है। हर बार की तरह इस बार भी यात्रियों के लिए रेलवे ने कोई इंतजाम नहीं किया है। बस उन्हें दलालों की दया के सहारे छोड़ दिया गया है। दूसरी ओर, दिवाली की खरीदारी और बाहर जाने वाले यात्रियों की वजह से पूरी दिल्ली जाम से जूझ रही है।टिकट के लिए इधर-उधर भटक रहे सुबोध झा को सपरिवार पटना जाना है और तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें कंफर्म टिकट नहीं पा रहा है। उन्होंने बताया कि वह कई दलालों के चक्कर काट चुके हैं लेकिन वे 355 रुपये के एक टिकट के बदले 1,500 रुपये की मांग कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा प्रिया का है। उसे अपनी तीन दोस्तों के साथ बिहार जाना है लेकिन उसे कंफर्म टिकट की बात तो दूर, वेटिंग टिकट भी नहीं मिल पा रहा है। दलाल 400 रुपये के टिकट के लिए 1,200 रुपये की मांग कर रहे हैं। टिकट के लिए मारामारी और दलालों का खेल पिछले 10 दिनों से चल रहा है। ऐसे में उन्होंने अपने घर जाना ही कैंसल कर दिया। एक सप्ताह पहले यात्रा कर चुके राजेश बताते हैं कि उन्हें कानपुर के थर्ड एसी के 550 रुपये के टिकट के लिए 1,200 रुपये चुकाना पड़ा।सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों के बर्थ दलालों की मर्जी के मुताबिक बिक रहे हैं। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर में हजारों दलाल सक्रिय हैं। संवाददाता ने पड़ताल में पाया कि त्योहार पर चलने वाली विशेष ट्रेनों में भी यही हाल है। एक तो सामान्य यात्रियों को विशेष गाड़ियों के बारे में पता ही नहीं है और जिन्हें पता है उन्हें भी दलालों के शरण में ही जाना पड़ रहा है।रेलवे के एक अधिकारी बताते हैं कि यात्रियों की जरूरत के हिसाब से ट्रेनों की पर्याप्त संख्या न होने के कारण भी इस तरह की परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि त्योहार के मौसम में इस तरह की समस्या आम है। रेलवे ने दलालों की सक्रियता पर लगाम कसने के लिए ही अगले महीने से स्लीपर क्लास में भी यात्रियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। इससे दलालों द्वारा फर्जी नाम से टिकट बुक कराने और उसे महंगे दामों पर बेचने पर लगाम लगेगी।

उधर, दिवाली की खरीददारी के लिए निकले लोगों और बाहर जाने वाले यात्रियों के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में जाम है। दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, सराय रोहिल्ला, शहादरा, निजामुद्दीन, आश्रम, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन आदि जगहों में जाम में लोग फंसे हुए हैं।

वहीं दूसरी ओर, विमानन कंपनियां भी त्योहारी सीजन का लुत्फ उठा रही है। लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाते हुए उन्होंने टिकट की कीमतें कई गुणा बढ़ा दी हैं। दिल्ली-पटना, लखनऊ-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, बेंगलूर-दिल्ली, हैदराबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-पुणे, मुंबई-नई दिल्ली समेत कई रूट पर दाम से चार से पांच गुना कीमत वसूली जा रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, नौ नवंबर को नई दिल्ली से पुणे के लिए यात्रियों से 33 हजार रुपये तक वसूले गए हैं, जबकि आम दिनों में टिकट पांच से छह हजार रुपये में मिल जाते हैं। इस बहती गंगा में स्पाइस जेट, जेट एयरवेज, इंडिगो सहित कई निजी कंपनियों हाथ धो रही हैं।