Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Nov 22, 2012 - 18:00:50 PM


Title - 10 दिन के काम पर माह का वेतन, यात्री फिर परेशान
Posted by : riteshexpert on Nov 22, 2012 - 18:00:50 PM

जालंधर : अधिकारियों की मिस मैनेजमेंट में टीटीई मजे लूट रहे हैं और यात्री परेशान हो रहे हैं। स्टाफ को 20 दिन के काम पर पूरा वेतन तो दिया जा रहा है, वहीं मोटे टीए-डीए के बावजूद स्टाफ 10 दिन ही ड्यूटी कर रहा है। पिछले एक माह में एक दर्जन से ज्यादा टीटीई हाजिरी के बावजूद ट्रेन से गायब पाए गए हैं। विशेष चेकिंग के दौरान छह लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। रविवार को लुधियाना-जालंधर के बीच हुई चेकिंग में दादर के इंचार्ज अश्विनी सूरी, रविंदर रंधावा व मनिंदर सिंह को नदारद पाया गया। इससे पहले तीन नवंबर की चेकिंग में भी रविंदर सिंह रंधावा हाजिरी के बाद भी गायब मिले थे, जबकि दूसरा शख्स दिनेश कुमार भी गायब था। 9 सितंबर को जम्मू-अहमदाबाद ट्रेन में चेकिंग दौरान केबी सिंह टीटीई गायब मिला था। अमृतसर हेडक्वार्टर के पास 448 कोच हैं। यहां पर 135 टीटीई हैं। इनमें 26 महिलाएं हैं जो ट्रेन में ड्यूटी नहीं कर रही हैं, जबकि 7 स्पो‌र्ट्स कोटे के टीटीई हैं। इनमें 15 की टीम शताब्दी कर रही है, जबकि बाकी के 87 लोगों पर एक दर्जन ट्रेनों का भार है। जालंधर कैंट, लुधियाना, फगवाड़ा, पठानकोट जैसे स्टेशनों का स्टाफ भी ट्रेनों में ड्यूटी से कतरा रहा है। शालीमार एक्सप्रेस में एक परिवार को परेशानी झेलनी पड़ी। कन्फर्म सीट के बावजूद पूरे रास्ते परिवार जद्दोजहद करता रहा। डीआरएम एनसी गोयल का कहना है कि इसके खिलाफ अभियान शुरू हो चुका है। स्टाफ को सख्ती से आदेश दिए गए हैं और जो टीटीई बंक मारते पकड़ा जाता है उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।