Indian Railways News => Topic started by AllIsWell on Jun 13, 2013 - 12:02:01 PM


Title - दलालों की डायरी में 8 रेल बाबुओं का हिसाब
Posted by : AllIsWell on Jun 13, 2013 - 12:02:01 PM

जबलपुर. रेल सुरक्षा बल की खुफिया शाखा द्वारा दलालों पर की गई कार्यवाही के बाद सरगना के आफिस से मिली डायरी ने कई राज उगलना शुरू कर दिये है. खुफिया विभाग के हाथों जो डायरी आई है उस डायरी में आरक्षण केन्द्र में पदस्थ बाबुओं का पूरा लेखा-जोखा है कि रोज़ कितने बाबुओं ने तत्काल की टिकिट दलालों की बनाई. सूत्रों की माने तो दलाल इस डायरी में इसलिए हिसाब लिखते है कि यदि रेल्वे की विजिलेंस टीम छापामार कार्यवाई करती भी है तो इनके पास केस अधिक नहीं निकलता.
एक नाम का सौ रुपया:-
खुफिया टीम को जो डायरी मिली है उस डायरी में बकायदा कार्य मुक्त हो जाने के बाद आरक्षण बाबु को दिए जाने वाला हिसाब दर्ज है. सूत्रों के मुताबिक तत्काल के लिए एक फार्म पर 6 यात्रियों के नाम लिखे जा सकते है. इसी हिसाब से एक नाम का सौ रुपये और 6 नाम के छह सौ फिक्स है.
ये आठ बाबुओं के नाम:-
रेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रेल दलालों की किन-किन बाबुओं से सांठगांठ थी और किसने कितने रुपये मार्च-अप्रैल-मई के दौरान तत्काल टिकिट में कमाये है उन बाबुओं पर नजर रखे है. उन बाबुओं में प्रभांसी विश्वकर्मा, अमित सोनी, डी.के.सोनी, रविमोहन श्रीवास्तव, विवेक तिवारी, वाई.सी.दीवान सहित आर.के.रैकवार, एल.सी.केशरवानी के नाम शामिल है. जिन्हें खूफिया शाखा कभी पूछताछ के लिये तलब कर सकती है. वहीं बाबुओं ने दलालों की डायरी में नाम आते ही कर्मचारी संघ और यूनियनों के कार्यालयों के चक्कर काटने शुरु कर दिए है ताकि किसी प्रकार की कार्यवाई न हो.