Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jun 13, 2013 - 07:30:06 AM


Title - जयपुर मेट्रो को मिलेगी पुलिस लाइन और जनाना अस्पताल की जमीन
Posted by : greatindian on Jun 13, 2013 - 07:30:06 AM

जयपुर मेट्रो को चांदपोल स्टेशन के लिए जनाना अस्पताल की 51 वर्गमीटर और रिजर्व पुलिस लाइन की 479 वर्गमीटर जमीन भी आवंटित की गई है। इसका उपयोग चांदपोल स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार तथा अन्य सुविधाओं में किया जाएगा। इनके साथ ही मेट्रो की सुरक्षा में लगने वाले पुलिस कर्मियों के दो बैचों की ट्रेनिंग जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। जयपुर में अभी मेट्रो को 1 अगस्त से शुरू करने का लक्ष्य मानकर काम किया जा रहा है, परंतु अफसरों को इसमें कुछ देरी होने की आशंका है।इसकी वजह बरसात के कारण कामकाज में अड़चन आना है।
मुख्य सचिव सी. के. मैथ्यू की अध्यक्षता में बुधवार को हुई हाईपावर कमेटी की बैठक में ये फैसले किए गए। बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से अब तक के काम की प्रगति की जानकारी दी गई। डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि सिविल वर्क 85 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। जबकि बाकी काम भी जल्दी पूरा होने की उम्मीद है। डीएमआरसी को मेट्रो का काम जल्दी पूरा करवाने को कहा गया। हाईपावर कमेटी की बैठक इससे पहले जनवरी, 2012 में हुई थी।
पुनर्वास का काम जल्दी पूरा होगा :
जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (जेएमआरसी) के सीएमडी एन.सी. गोयल ने बताया कि स्टेशन रोड पर बनी करीब एक दर्जन दुकानों को हटाया जाना है। इनके पुनर्वास के लिए जेडीए को जगह चिन्हित करने को कहा गया है। राम नगर स्टेशन के पास 4 परिवार सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके रह रह थे। जेडीए इनका 30 जून तक पुनर्वास कर देगा। चांदपोल में ही संपदा विभाग की दो दुकानें भी मेट्रो को सौंपी गई हैं। इनका उपयोग भी पुनर्वास में किया जाएगा।
सुरक्षा कर्मियों को रहना होगा 3 साल:
गोयल ने बताया कि जयपुर मेट्रो की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की ओर से सिपाहियों की ट्रेनिंग करवाई जा रही है। दो बैच की ट्रेनिंग जुलाई तक पूरी हो जाएगी। इसमें यह तय किया गया है कि जयपुर मेट्रो में लगने वाले सिपाहियों के 3 साल से पहले ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे।उन्हें 3 से 5 साल तक मेट्रो में ही रहना होगा।
रीको-हाउसिंग बोर्ड को अब इक्विटी नहीं:
जयपुर मेट्रो में रीको और हाउसिंग बोर्ड को जयपुर मेट्रो में अब इक्विटी नहीं मिलेगी। उनकी ओर से मेट्रो को दी गई 100-100 करोड़ रुपए की राशि को अब लंबी अवधि के लिए ब्याजमुक्त ऋण माना जाएगा। इसकी वजह है कि केंद्र सरकार भी इस प्रोजेक्ट में पैसा दे रही है, इसलिए केंद्र सरकार को इक्विटी देनी होगी।
जयपुर मेट्रो को 60 फ्लैट देगा हाउसिंग बोर्ड:
मेट्रो के स्टाफ को रहने की सुविधा देने के उद्देश्य से 60 फ्लैट उपलब्ध कराएगा। इनमें से मानसरोवर स्थित भृगु पथ पर 30 फ्लैट जुलाई के अंत तक उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि बाकी 30 फ्लैट अगले 4 माह में प्रताप नगर में उपलब्ध कराए जाएंगे।