| Indian Railways News => | Topic started by greatindian on Jun 30, 2013 - 21:30:41 PM |
Title - - ट्रेनें ही नहीं, छिवकी में सुविधाएं भी चाहिएPosted by : greatindian on Jun 30, 2013 - 21:30:41 PM |
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इलाहाबाद। रेलवे छिवकी स्टेशन पर लगातार ट्रेनों की संख्या बढ़ा रहा है। अगले कुछ महीनों में छह नई ट्रेनें छिवकी स्टेशन पर रुकने लगेंगी। मुंबई, इंदौर, हावड़ा और ग्वालियर के लिए यात्रियों में लोकप्रिय इन ट्रेनों के कारण स्टेशन पर भीड़ भी बढ़ेगी लेकिन छिवकी स्टेशन पर एक भी ऐसी सुविधा नहीं है जो यात्रियों के काम आ सके। निर्धारित वक्त पर यात्री पहुंच गए और ट्रेन लेट हो गई तो बारिश या धूप से बचने तक की जगह रेलवे ने नहीं बनाई है। साफ पानी, टिकट की सुविधा, मार्ग प्रकाश, प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत जरूरतों की बात करना ही बेमानी है। यहां चाय, बिस्किट और नमकीन मिलने की बात सोचना भी मना है। बंगलुरू, चेन्नई, गोवा और मुंबई समेत दक्षिण भारतीय शहरों के लिए जितनी ट्रेनें छिवकी स्टेशन से चल रही हैं, इलाहाबाद जंक्शन पर भी उतनी नहीं हैं। इनमें कई गाड़ियां ऐसी हैं जिन्हें पकड़ने के लिए शहरियों को छिवकी जाना पड़ता है। महानगरी एक्सप्रेस, क्षिप्रा एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, पटना-मुंबई जनता एक्सप्रेस, छपरा-दुर्ग एक्सप्रेस और पाटलिपुत्र-यशवंतपुर एक्सप्रेस के साथ यह सूची और बढ़ने जा रही है। इसके बाद छिवकी स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में और इजाफा होना तय है, लेकिन स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाएं ऐसी हैं कि यात्री थोड़ा भी चूक गए तो दुर्घटना तय है। छिवकी स्टेशन पर जितनी ट्रेनों का ठहराव है, उतना प्रयाग और रामबाग समेत आसपास के किसी भी बी श्रेणी के स्टेशन पर नहीं है। रेलवे ने स्टेशन के लिए नया भवन, टिकट काउंटर, आरक्षण काउंटर, नया फुटओवर ब्रिज, एक और नया प्लेटफार्म, पुराने प्लेटफार्म की सतह में सुधार, यात्री शेड, सड़क, प्रकाश, वेंडिंग स्टॉल आदि की योजना बनाई है लेकिन इन पर अमल कब होगा, कोई नहीं जानता। जबकि, ट्रेनों के साथ यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालत ऐसी है कि रात में स्टेशन पर रुकना या पहुंचना लगभग मुश्किल काम है। मंडल रेल प्रबंधक हरींद्र राव ने दो महीने पहले दावा किया था कि सड़क और मार्ग प्रकाश के कार्य जल्द होंगे लेकिन यह भी शुरू नहीं हुए हैं। यात्रियों की मांग है कि पहले यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएं, फिर ट्रेनों का डाइवर्जन छिवकी से किया जाए। |